हम अकेले ही चले....
हम अकेले ही चले
चार दिन के थे सिले
हम अकेले ही चले
दिल ये इब्दाद हुआ
इश्क बर्बाद हुआ
बंद कलियों में यहाँ
फूल देखो है खीले ,,,.............हम अकेले ही चले
प्यार तोहमत था बना
जुल्म था धुल सना
हम तो कांटो में चले
करम थे उनके भले ...............हम अकेले ही चले
सांस रोती ही रही
आस सोती ही रही
शूल यु दिल चुभे
जब वो हंसते से मिले...........हम अकेले ही चले
थक चुका लंबा सफ़र
आंसू जज्बो का हसर
हम तमाशा क्यू बने
उनके ये शिकवे गिले ..........हम अकेले ही चले
हर्फो का ये है बयाँ
खून की थी वो हया
लहू आँखों में मगर
होठ ना तब भी हिले.............हम अकेले ही चले
जज्बा यु सारा जकड
होसला अपना पकड़
बढ़ते मकसूदे कदम
जा के मंजील से मिले.............हम अकेले ही चले
चार दिन के थे सिले
हम अकेले ही चले
दिल ये इब्दाद हुआ
इश्क बर्बाद हुआ
बंद कलियों में यहाँ
फूल देखो है खीले ,,,.............हम अकेले ही चले
प्यार तोहमत था बना
जुल्म था धुल सना
हम तो कांटो में चले
करम थे उनके भले ...............हम अकेले ही चले
सांस रोती ही रही
आस सोती ही रही
शूल यु दिल चुभे
जब वो हंसते से मिले...........हम अकेले ही चले
थक चुका लंबा सफ़र
आंसू जज्बो का हसर
हम तमाशा क्यू बने
उनके ये शिकवे गिले ..........हम अकेले ही चले
हर्फो का ये है बयाँ
खून की थी वो हया
लहू आँखों में मगर
होठ ना तब भी हिले.............हम अकेले ही चले
जज्बा यु सारा जकड
होसला अपना पकड़
बढ़ते मकसूदे कदम
जा के मंजील से मिले.............हम अकेले ही चले
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