Monday, August 25, 2008

गुरुवा आ गया रे मेरे लाल

गुरुवा आ गयो रे मेरे लाल ..
गयो रे मरे लाल , दिल पे छा गयो रे मेरे लाल ..
दीपक बन उजियारा लाया, बना मृदुल मोम सा ढाल
निर्जन मन तारे पुन नवरंग,सए पूछय सैसव काल
दीप-बाति आपुन संगम, जजमान सा रूप विकाल
संग बती मोहे चांदी जडिया ,भरी भरी सुख तै ताल
कहे "गुरु" जग बाती मोरी , पर ब्रह्म दीया मेरे लाल ............

No comments: