Monday, July 28, 2008

हकीम का रहस्यवाद

मै बनु  मन के बीच कटोरा ....

जग सात समन्द बसोरा, ये राज कमल यु ही भोरा

ना गात ना माटी गोरा, अलसेई मनु जन धोरा 

चीरवानी अन्ग कसोरा, ना गात बागीसा धोरा

यह सब हू बिछोवा मोरा, डसे काल सुपारी चोरा 

नीकसो भागो ये झझोरा,रुई लिपट अग्न की तोरा

ले "हकीम" तु बाती डोरा, उजला कपडा सीये मोरा....

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