Friday, January 16, 2009

'तुझसे कहूँ'

जज्बातों पर मेरे,रहमो-नज़र कर,
इनायत हो,पाकीजा मेरे शामो-सहर कर,
मेरी दुआए भी अब मुक्कमल हो!
मेरे दिल की जमीं पर ऐसी, नमाज़-ऐ-अज़र कर. फरियाद हे!
अब मुझे तु प्यार कर...


मेरे खवाबो को भी,रहमतों नवाज़ कर,
जेहन में मेरे भी, छोटा एक घर कर,
उस खुदा का रुतबा, और बड़ा ज़रा !
आकर आवाज़ मेरी, नई ग़ज़ल कर. फरियाद हे!
अब मुझे तु प्यार कर...


हो, न यकीं मुक्कदर पर,
भावो से मेरे अजान,वो गीता-उवाच कर,
मिसालों में कहीं रख छोड़ मुझे,
थाम लें दामन,दिल पर रहमो-नज़र कर, बस फरियाद हे!
अब मुझे तु प्यार कर......अब मुझे तु प्यार कर...

................अमन.............

कवि का परिचय ....भारत के ह्रदय मध्य प्रदेश में जन्मे इस बच्चे की बहुमुखी प्रतिभा कविता और लेखन के क्षेत्र में अदभूत है ..इंदौर शहर का यह बालक काव्य के क्षेत्र में अपने शहर का नाम रोशन करेंगा ...इतनी कम उम्र में इतनी अच्छी रचना अपने आप में माँ सरस्वती की कृपा ही हों सकती है...

3 comments:

AMAN said...

this is aman 'bas aman'
created poem u read
thanking respectable guru kavi haqim who felt my poem,gave place in his personal blog.
on a mission...
regards aman dalal(aman'bas aman')

अर्चना तिवारी said...

sir,
मैंने आपकी सभी रचनाएँ पढ़ीं,भावों को बड़ी खूबसूरती से शब्दों का जमा पहनाया है...

Unknown said...

अमन दलाल बहुत ही प्रतिभाशाली नवयुवक है जो आदर्श की जमीन पर अपनी कविता और शायरी की फसल को पानी दे रहा है. सूर्य इसकी रक्षा करना. इन्द्र इसे जरुरत के हिसाब से पानी देना. हवा इसे अपना स्नेह देना अग्नि इसे उष्मा देना.