Saturday, September 13, 2008

सड़क के खाली पन्ने.....


सड़क के खाली पन्ने

दूर तक

निगाहों का का सफर

और विचरण करते हुए

हमसायो के बीच

आस्तित्व की रक्षा को

आतुर इंसानी सोच

बहुत बीच के फासलों से

गुजरता हुआ

फिर आ जाता है

परिधी के

चक्कर सा काटता

उसी बिन्दु पर

जहा से आरम्भ

हुआ था

सोच का सफर

शुन्य की खोज में

रीते हुए

खाली पन्नो पर...

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